क्यों मेरा मन तुम्हें हर पल याद करता है?
क्यों मेरा दिल हर पल तेरे लिए धड़कता है?
क्यों मेरी नजरें हर पल तेरा ही रास्ता देखती है?
क्यों मेरी बाहें तुझे गले लगाने को आतुर रहती हैं?
क्यों मेरे हाथ तेरे स्पर्श को आकुल रहते हैं?
क्यों मेरे होठ तुझे देखते ही मौन हो जाते हैं?
क्यों मेरे करीब होकर भी दूर रहते हो?
क्यों तुम्हें याद कर अकारण ही आँसू आ जाते हैं?
क्यों मेरे सामने आकर भी तुम नजरें चुराते हो?
क्यों मुझे अपना कहने से कतराते हो?
क्यों ? क्यों ? क्यों ? ??
डॉ. अनिता सिंह
रविवार, 8 अप्रैल 2018
क्यों..............?
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