शुक्रवार, 8 नवंबर 2019

तुम मेरे ही तो हो

अगर मेरी चाहत में तेरी चाहत
नहीं मिली तो क्या हुआ
तुम मेरे ही तो हो।

तेरी नजरों ने मेरी नजरें
नहीं पढ़ी तो क्या हुआ
तुम मेरे ही तो हो।

तेरी धड़कनो ने मेरी धड़कनो का
एहसास नहीं किया तो क्या हुआ
तुम मेरे ही तो हो।

तेरे दिल ने मेरे दिल की आवाज़
नहीं सुनी तो क्या हुआ
तुम मेरे ही तो हो।

जिंदगी की सफर में एक राह पर
साथ नहीं चले तो क्या हुआ
तुम मेरे ही तो हो।

तुम प्यार के बदले मुझे नफरत
करते हो तो क्या हुआ
तुम मेरे ही तो हो।

मैं करती रहूँगी यूँ ही तुमसे मुहब्बत दिल से
नहीं समझते तो क्या हुआ
तुम मेरे ही तो हो।

डॉ .अनिता सिंह
बिलासपुर छत्तीसगढ़

मंगलवार, 5 नवंबर 2019

प्रेम के प्याले ने

सम्भाल रखी है तेरी तस्वीर
दिल के तहखाने में।
धुँधली नहीं होने दी है
तेरी यादों को
वक्त के पैमाने में।
जाने कितने नाम
जेहन में आकर चले गये
पर तेरे नाम की रोशनाई
मिटने नहीं दी है
तेरी यादों ने।
अधूरे ख्वाबों को
छिपा रखा है
दिल के बंद दरवाजे में।
तेरी पुरानी यादें
अभी भी कैद हैं
दिल के तहखाने में।
बनाना चाहती तुम्हें कृष्ण
पता नहीं तुम बने कि नहीं
पर मुझे राधा बना दिया
तेरे प्रेम के प्याले ने।

डॉ .अनिता सिंह
बिलासपुर छत्तीसगढ़

बुधवार, 11 सितंबर 2019

उम्मीद

जीतनी उम्मीद से
चातक देखता है
बादल को
उतनी ही
उम्मीद से
देखती हूँ
पथ मैं
तेरे आगम की।

डॉ. अनिता सिंह

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