तेरी तस्वीर से नज़र
हटाने का जी नहीं करता।
आँखें थक जाती है
पर दिल नहीं भरता ।
पलकें पथ निहारती है
वक्त नहीं गुजरता ।
मैं कहती दिल की बात
पर तू नहीं सुनता।
पूँछती हूँ तेरा हाल
पर ये तस्वीर नहीं बोलता।
डॉ. अनिता सिंह
27/8/2018
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
Popular posts
-
मैने जिसे अनुभव किया वो अनुभूति हो तुम। जिस गंध का आघ्राण किया वो खुशबू हो तुम। जिसे स्नेह भाव से स्पर्श किया वो प्रणय हो तुम। जिसे दे...
-
झूठों की इस बस्ती में सच को यहाँ पहचाने कौन? अपने में ही उलझे लोग नियत किसी की जाने कौन ? एक चेहरे पर चेहरे अनेक सच्चा चेहरा तलाशे कौन...
-
जादू है तेरे आँखों में दिखता है तेरा चेहरा आँख बंद करने के बाद भी। जादू है तेरे स्पर्श में जिसे महसूस करती हूँ तेरे जाने के बाद भी । ज...
-
नयी पहल कोरोना की दूसरी लहर ने मेरे परिवार को पूरी तरह से बिखेर दिया था। माँ - बाबू जी दोनों को कोरोना ने अपने चपेट में ले लिया था। कोरोना...
-
तुझमें डूब गयी जाने कब मैं तुझमें डूब गई पा न सकी मैं तेरी थाह दुनिया के उथले रिश्ते में पाती हूँ तेरा स्नेह अथाह। कभी डूबती, कभी उतराती ...
-
फिजा़ से आती है तेरी खुशबू जब तुम दिल की गली से गुजर जाते हो। मेरा दिल तो तेरी यादों का घरौंदा है तुम यादों की चौखट में प्रवेश कर जाते हो...
Very nice
जवाब देंहटाएं